Psalms 24CLBSI

1पृथ्‍वी और उसकी परिपूर्णता, संसार और उसके निवासी- सब प्रभु के हैं;

2क्‍योंकि प्रभु ने सागरों पर उसे स्‍थापित किया है, उसने सरिताओं पर उसे स्‍थिर किया है।

3प्रभु के पर्वत पर कौन चढ़ सकता है? कौन उसके पवित्र स्‍थान पर खड़ा हो सकता है?

4वह जिसके हाथ निर्दोष और हृदय निर्मल है, वह जो व्‍यर्थ बातों पर मन नहीं लगाता। वह जो धोखा देने के लिए शपथ नहीं खाता।

5वह प्रभु से आशिष पाएगा, उसका उद्धारकर्ता परमेश्‍वर उसे निर्दोष सिद्ध करेगा।

6ऐसे हैं वे लोग, जो प्रभु के जिज्ञासु हैं, जो इस्राएल के परमेश्‍वर के दर्शनाभिलाषी हैं। सेलाह

7ओ द्वारो, मस्‍तक उन्नत करो! ओ स्‍थायी फाटको, ऊंचे हो जाओ, जिससे महिमा का राजा प्रवेश करे।

8यह महिमा का राजा कौन है? प्रभु, समर्थ और पराक्रमी, प्रभु, युद्ध में पराक्रमी।

9ओ द्वारो, मस्‍तक उन्नत करो। ओ स्‍थायी फाटको, ऊंचे हो जाओ, जिससे महिमा का राजा प्रवेश करे।

10यह महिमा का राजा कौन है? स्‍वर्गिक सेनाओं का प्रभु, वहीं महिमा का राजा है। सेलाह

Hindi CL Bible - पवित्र बाइबिल Copyright © Bible Society of India, 2015. Used by permission. All rights reserved worldwide.

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