Isaiah 30

CLBSI

1प्रभु कहता है; “ओ विद्रोही पुत्रो, धिक्‍कार है तुम्‍हें! तुम योजना तो बनाते हो, परन्‍तु मेरी सम्‍मति से नहीं; तुम सन्‍धि तो करते हो, पर मेरे आत्‍मा की प्रेरणा से नहीं। यों तुम पाप पर पाप करे रहे हो।

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