Romans 162017

1मैं तुम से फीबे के लिए, जो हमारी बहिन और किंखि्रया की कलीसिया की सेविका है, बिनती करता हूँ।

2कि तुम जैसा कि पवित्र लोगों को चाहिए, उसे प्रभु में ग्रहण करो; और जिस किसी बात में उस को तुम से प्रयोजन हो, उसकी सहायता करो; क्‍योंकि वह भी बहुतों की वरन् मेरी भी उपकारिणी हुई है।

3प्रिस्का और अक्विला को जो यीशु में मेरे सहकर्मी हैं, नमस्‍कार।

4उन्‍हों ने मेरे प्राण के लिये अपना ही सिर दे रखा था और केवल मैं ही नहीं, वरन् अन्‍यजातियों की सारी कलीसियाएँ भी उन का धन्‍यवाद करती हैं।

5और उस कलीसिया को भी नमस्‍कार जो उन के घर में है। मेरे प्रिय इपैनितुस को जो मसीह के लिये आसिया का पहिला फल है, नमस्‍कार।

6मरियम को जिस ने तुम्‍हारे लिये बहुत परिश्रम किया, नमस्‍कार।

7अन्‍द्रुनीकुस और यूनियास को जो मेरे कुटम्‍बी हैं, और मेरे साथ कैद हुए थे, और प्रेरितों में नामी हैं, और मुझ से पहिले मसीह में हुए थे, नमस्‍कार।

8अम्‍पलियातुस को, जो प्रभु में मेरा प्रिय है, नमस्‍कार।

9उरबानुस को, जो मसीह में हमारा सहकर्मी है, और मेरे प्रिय इस्‍तखुस को नमस्‍कार।

10अपिल्‍लेस को जो मसीह में खरा निकला, नमस्‍कार। अरिस्‍तुबुलुस के घराने को नमस्‍कार।

11मेरे कुटुम्‍बी हेरोदियोन को नमस्‍कार। नरकिस्‍सुस के घराने के जो लोग प्रभु में हैं, उन को नमस्‍कार।

12त्रूफैना और त्रूफोसा को जो प्रभु में परिश्रम करती हैं, नमस्‍कार। प्रिय पिरसिस को जिस ने प्रभु में बहुत परिश्रम किया, नमस्‍कार।

13रूफुस को जो प्रभु में चुना हुआ है, और उसकी माता को जो मेरी भी है, दोनों को नमस्‍कार।

14असुक्रितुस और फिलगोन और हिर्मेस ओर पत्रुबास और हिमांस और उन के साथ के भाइयों को नमस्‍कार।

15फिलुलुगुस और यूलिया और नेर्युस और उसकी बहिन, और उलुम्‍पास और उन के साथ के सब पवित्र लोगों को नमस्‍कार।

16आपस में पवित्र चुम्‍बन से नमस्‍कार करो: तुम को मसीह की सारी कलीस्‍यिाओं की ओर से नमस्‍कार।

17अब हे भाइयो, मैं तुम से बिनती करता हूँ, कि जो लोग उस शिक्षा के विपरीत जो तुम ने पाई है, फूट पड़ने, और ठोकर खाने के कारण होते हैं, उन्‍हें ताड़ लिया करो; और उनसे दूर रहो।

18क्‍योंकि ऐसे लोग हमारे प्रभु मसीह की नहीं, परन्‍तु अपने पेट की सेवा करते है; और चिकनी चुपड़ी बातों से सीधे सादे मन के लोगों को बहका देते हैं।

19तुम्‍हारे आज्ञा मानने की चर्चा सब लोगों में फैल गई है; इसलिये मैं तुम्‍हारे विषय में आनन्‍द करता हूँ; परन्‍तु मैं यह चाहता हूँ, कि तुम भलाई के लिये बुद्धिमान, परन्‍तु बुराई के लिये भोले बने रहो।

20शान्‍ति का परमेश्‍वर शैतान को तुम्‍हारे पाँवों से शीघ्र कुचलवा देगा। हमारे प्रभु यीशु मसीह का अनुग्रह तुम पर होता रहे।

21तीमुथियुस मेरे सहकर्मी का, और लूकियुस और यासोन और सोसिपत्रुस मेरे कुटुम्‍बियों का, तुम को नमस्‍कार।

22मुझ पत्री के लिखनेवाले तिरतियुस का प्रभु में तुम को नमस्‍कार।

23गयुस का जो मेरी और कलीसिया का पहुनाई करनेवाला है उसका तुम्‍हें नमस्‍कार:

24इरास्‍तुस जो नगर का भण्‍डारी है, और भाई क्‍वारतुस का, तुम को नमस्‍कार।

25अब जो तुम को मेरे सुसमाचार अर्थात् यीशु मसीह के विषय के प्रचार के अनुसार स्‍थिर कर सकता है, उस भेद के प्रकाश के अनुसार जो सनातन से छिपा रहा।

26परन्‍तु अब प्रगट होकर सनातन परमेश्‍वर की आज्ञा से भविष्‍यद्वक्‍ताओं की पुस्‍तकों के द्वारा सब जातियों को बताया गया है, कि वे विश्‍वास से आज्ञा माननेवाले हो जाएँ।

27उसी अद्वैत बुद्धिमान परमेश्‍वर की यीशु मसीह के द्वारा युगानुयुग महिमा होती रहे। आमीन।

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