Revelation 12017

1यीशु मसीह का प्रकाशितवाक्‍य, जो उसे परमेश्‍वर ने इसलिये दिया कि अपने दासों को वे बातें, जिनका शीघ्र होना अवश्‍य है, दिखाए: और उसने अपने स्‍वर्गदूत को भेजकर उसके द्वारा अपने दास यूहन्‍ना को बताया,

2जिसने परमेश्‍वर के वचन और यीशु मसीह की गवाही, अर्थात् जो कुछ उसने देखा था उसकी गवाही दी।

3धन्‍य है वह जो इस भविष्‍यद्वाणी के वचन को पढ़ता है, और वे जो सुनते हैं और इस में लिखी हुई बातों को मानते हैं, क्‍योंकि समय निकट है।

4यूहन्‍ना की ओर से एशिया की सात कलीसियाओं के नाम: उसकी ओर से जो है, और जो था, और जो आनेवाला है; और उन सात आत्‍माओं की ओर से, जो उसके सिंहासन के सामने है,

5और यीशु मसीह की ओर से, जो विश्‍वासयोग्‍य साक्षी और मरे हुओं में से जी उठनेवालों में पहलौठा, और पृथ्‍वी के राजाओं का हाकिम है, तुम्‍हें अनुग्रह और शान्‍ति मिलती रहे। जो हम से प्रेम रखता है, और जिसने अपने लहू के द्वारा हमें पापों से छुड़ाया है।

6और हमें एक राज्‍य और अपने पिता परमेश्‍वर के लिये याजक भी बना दिया; उसी की महिमा और पराक्रम युगानुयुग रहे। आमीन।

7देखो, वह बादलों के साथ आनेवाला है; और हर एक आँख उसे देखेगी, वरन् जिन्होंने उसे बेधा था, वे भी उसे देखेंगे, और पृथ्‍वी के सारे कुल उसके कारण छाती पीटेंगे। हाँ। आमीन।

8प्रभु परमेश्‍वर, वह जो है, और जो था, और जो आनेवाला है; जो सर्वशक्तिमान है: यह कहता है, “मैं ही अल्‍फा और ओमेगा हूँ।”

9मैं यूहन्‍ना, जो तुम्‍हारा भाई, और यीशु के क्‍लेश, और राज्‍य, और धीरज में तुम्‍हारा सहभागी हूँ, परमेश्‍वर के वचन, और यीशु की गवाही के कारण पतमुस नामक टापू में था।

10मैं प्रभु के दिन आत्‍मा में आ गया, और अपने पीछे तुरही का सा बड़ा शब्‍द यह कहते सुना,

11“जो कुछ तू देखता है, उसे पुस्‍तक में लिखकर सातों कलीसियाओं के पास भेज दे, अर्थात् इफिसुस, और स्‍मुरना, और पिरगमुन, और थूआतीरा, और सरदीस, और फिलदिलफिया, और लौदीकिया को।”

12तब मैंने उसे जो मुझ से बोल रहा था; देखने के लिये अपना मुँह फेरा; और पीछे घूमकर मैंने सोने की सात दीवटें देखी;

13और उन दीवटों के बीच में मनुष्‍य के पुत्र सरीखा एक पुरूष को देखा, जो पाँवों तक का वस्‍त्र पहने, और छाती पर सोने का पटुका बाँधे हुए था।

14उसके सिर और बाल श्‍वेत ऊन वरन् पाले के से उज्‍जवल थे; और उसकी आँखें आग की ज्‍वाला के समान थी।

15उसके पाँव उत्तम पीतल के समान थे जो मानो भट्टी में तपाए गए हों; और उसका शब्‍द बहुत जल के शब्‍द के नाई था।

16वह अपने दाहिने हाथ में सात तारे लिए हुए था, और उसके मुख से तेज दोधारी तलवार निकलती थी; और उसका मुँह ऐसा प्रज्‍वलित था, जैसा सूर्य कड़ी धूप के समय चमकता है।

17जब मैने उसे देखा, तो उसके पैरों पर मुर्दा सा गिर पड़ा और उसने मुझ पर अपना दाहिना हाथ रखकर यह कहा, “मत डर; मैं प्रथम और अन्‍तिम और जीवता हूँ,

18मैं मर गया था, और अब देख मैं युगानुयुग जीवता हूँ; और मृत्‍यु और अधोलोक की कुंजियाँ मेरे ही पास हैं।

19“इसलिये जो बातें तू ने देखीं हैं और जो बातें हो रही हैं; और जो इस के बाद होनेवाली हैं, उन सब को लिख ले।

20“अर्थात् उन सात तारों का भेद जिन्‍हें तू ने मेरे दाहिने हाथ में देखा था, और उन सात सोने की दीवटों का भेद: वे सात तारे सातों कलीसियाओं के दूत हैं, और वे सात दीवट सात कलीसियाएँ हैं।

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