Psalms 4CLBSI

1हे मेरे संरक्षक परमेश्‍वर! मेरी पुकार का मुझे उत्तर दे! जब मैं संकट में था, तब तूने मेरी सहायता की। अब मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन।

2ओ मानव! कब तक तुम मेरे गौरव को अपमानित करते रहोगे? तुम कब तक निरर्थक बातों की अभिलाषा, और असत्‍य की खोज करते रहोगे? सेलाह

3जान लो कि प्रभु अपने भक्‍त के लिए अद्भुत कार्य करता है: जब मैं प्रभु को पुकारता हूँ, तब वह निस्‍सन्‍देह सुनता है।

4कांपते रहो और पाप मत करो: शैया पर लेटकर हृदय में विचार करो, और शांत हो। सेलाह

5विधि-सम्‍मत बलि चढ़ाओ, और प्रभु पर भरोसा करो।

6अनेक मनुष्‍य यह कहते हैं, “काश! हम भलाई को देख पाते। प्रभु, अपने मुख की ज्‍योति हम पर प्रकाशित कर!”

7तूने मेरे हृदय को उससे कहीं अधिक आनन्‍द प्रदान किया है, जो उन्‍हें अंगूर और अन्न की प्रचुरता के समय होता है।

8मैं शांतिपूर्वक लेटता, और सकुशल सोता हूँ; क्‍योंकि प्रभु, तू ही मुझे सुरक्षित रखता है।

Hindi CL Bible - पवित्र बाइबिल Copyright © Bible Society of India, 2015. Used by permission. All rights reserved worldwide.

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