Hebrews 22017

1इस कारण चाहिए, कि हम उन बातों पर जो हम ने सुनी हैं और भी मन लगाएँ, ऐसा न हो कि बहकर उनसे दूर चले जाएँ।

2क्‍योंकि जो वचन स्‍वर्गदूतों के द्वारा कहा गया था, जब वह स्‍थिर रहा और हर एक अपराध और आज्ञा न मानने का ठीक-ठीक बदला मिला।

3तो हम लोग ऐसे बड़े उद्धार से निश्‍चिन्‍त रहकर क्‍योंकर बच सकते हैं? जिस की चर्चा पहले-पहल प्रभु के द्वारा हुई, और सुननेवालों के द्वारा हमें निश्‍चय हुआ।

4और साथ ही परमेश्‍वर भी अपनी इच्‍छा के अनुसार चिन्‍हों, और अद्भुत कामों, और नाना प्रकार के सामर्थ के कामों, और पवित्र आत्‍मा के वरदानों के बाँटने के द्वारा इस की गवाही देता रहा।

5उसने उस आनेवाले जगत को जिस की चर्चा हम कर रहे हैं, स्‍वर्गदूतों के आधीन न किया।

6वरन् किसी ने कहीं, यह गवाही दी है, “मनुष्‍य क्‍या हैं, कि तू उस की सुधि लेता है? या मनुष्‍य का पुत्र क्‍या है, कि तू उस पर दृष्‍टि करता है?

7तू ने उसे स्‍वर्गदूतों से कुछ ही कम किया; तू ने उस पर महिमा और आदर का मुकुट रखा और उसे अपने हाथों के कामों पर अधिकार दिया।

8तू ने सब कुछ उसके पाँवों के नीचे कर दिया।” इसलिये जब कि उसने सब कुछ उसके आधीन कर दिया, तो उसने कुछ भी रख न छोड़ा, जो उसके आधीन न हो : पर हम अब तक सब कुछ उसके आधीन नहीं देखते।

9पर हम यीशु को जो स्‍वर्गदूतों से कुछ ही कम किया गया था, मृत्‍यु का दु:ख उठाने के कारण महिमा और आदर का मुकुट पहिने हुए देखते हैं; ताकि परमेश्‍वर के अनुग्रह से वह हर एक मनुष्‍य के लिये मृत्‍यु का स्‍वाद चखे।

10क्‍योंकि जिस के लिये सब कुछ है, और जिस के द्वारा सब कुछ है, उसे यही अच्‍छा लगा कि जब वह बहुत से पुत्रों को महिमा में पहुँचाए, तो उन के उद्धार के कर्ता को दु:ख उठाने के द्वारा सिद्ध करे।

11क्‍योंकि पवित्र करनेवाला और जो पवित्र किए जाते हैं, सब एक ही मूल से हैं: इसी कारण वह उन्‍हें भाई कहने से नहीं लजाता।

12पर वह कहता है, “मैं तेरा नाम अपने भाइयों को सुनाऊँगा, सभा के बीच में मैं तेरा भजन गाऊँगा।”

13और फिर यह, “मैं उस पर भरोसा रखूँगा।” और फिर यह, “देख, मैं उन लड़कों सहित जिसे परमेश्‍वर ने मुझे दिए।”

14इसलिये जब कि लड़के मांस और लहू के भागी हैं, तो वह आप भी उन के समान उन का सहभागी हो गया; ताकि मृत्‍यु के द्वारा उसे जिसे मृत्‍यु पर शक्ति मिली थी, अर्थात् शैतान** को निकम्‍मा कर दे,

15और जितने मृत्‍यु के भय के मारे जीवन भर दासत्‍व में फँसे थे, उन्‍हें छुड़ा ले।

16क्‍योंकि वह तो स्‍वर्गदूतों को नहीं वरन् अब्राहम के वंश को संभालता है।

17इस कारण उसको चाहिए था, कि सब बातों में अपने भाइयों के समान बने; जिस से वह उन बातों में जो परमेश्‍वर से सम्‍बन्‍ध रखती हैं, एक दयालु और विश्‍वासयोग्‍य महायाजक बने ताकि लोगों के पापों के लिये प्रायश्चित करे।

18क्‍योंकि जब उसने परीक्षा की दशा में दु:ख उठाया, तो वह उन की भी सहायता कर सकता है, जिन की परीक्षा होती है।

Copyright © 2017 Bridge Connectivity Solutions. Released under the Creative Commons Attribution No Derivatives license 4.0.

Choose Translation

Switch translation for Hebrews 2.

Reading Settings

Paragraph viewDisplay verses as flowing paragraphs instead of individual lines
Show verse numbersDisplay verse numbers inline
Red letterHighlight the words of Christ in red

Sign in to save your reading preferences across sessions.