1 Thessalonians 12017

1पौलुस और सिलवानुस और तीमुथियुस की ओर से थिस्‍सलुनिकियों की कलीसिया के नाम जो परमेश्‍वर पिता और प्रभु यीशु मसीह में है। अनुग्रह और शान्‍ति तुम्‍हें मिलती रहे।

2हम अपनी प्रार्थनाओं में तुम्‍हें स्‍मरण करते और सदा तुम सब के विषय में परमेश्‍वर का धन्‍यवाद करते हैं,

3और अपने परमेश्‍वर और पिता के सामने तुम्‍हारे विश्‍वास के काम, और प्रेम का परिश्रम, और हमारे प्रभु यीशु मसीह में आशा की धीरता को लगातार स्‍मरण करते हैं।

4और हे भाइयो, परमेश्‍वर के प्रिय लोगों हम जानतें हैं, कि तुम चुने हुए हो।

5क्‍योंकि हमारा सुसमाचार तुम्‍हारे पास न केवल वचन मात्र ही में वरन् सामर्थ और पवित्र आत्‍मा, और बड़े निश्‍चय के साथ पहुँचा है; जैसा तुम जानते हो, कि हम तुम्‍हारे लिये तुम में कैसे बन गए थे।

6और तुम बड़े क्‍लेश में पवित्र आत्‍मा के आनन्‍द के साथ वचन को मानकर हमारी और प्रभु की सी चाल चलने लगे।

7यहाँ तक कि मकिदुनिया और अखया के सब विश्‍वासियों के लिये तुम आदर्श बने।

8क्‍योंकि तुम्‍हारे यहाँ से न केवल मकिदुनिया और अखया में प्रभु का वचन सुनाया गया, पर तुम्‍हारे विश्‍वास की जो परमेश्‍वर पर है, हर जगह ऐसी चर्चा फैल गई है, कि हमें कहने की आवश्‍यकता ही नहीं।

9क्‍योंकि वे आप ही हमारे विषय में बताते हैं कि तुम्‍हारे पास हमारा आना कैसा हुआ; और तुम क्‍योंकर मूरतों से परमेश्‍वर की ओर फिरें ताकि जीवते और सच्‍चे परमेश्‍वर की सेवा करो।

10और उसके पुत्र के स्‍वर्ग पर से आने की बाट जोहते रहो जिसे उसने मरे हुओं में से जिलाया, अर्थात् यीशु को, जो हमें आनेवाले प्रकोप से बचाता है।

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