1 Corinthians 152017

1हे भाइयों, मैं तुम्‍हें वही सुसमाचार बताता हूँ जो पहले सुना चुका हूँ, जिसे तुम ने अंगीकार भी किया था और जिसमें तुम स्‍थिर भी हो।

2उसी के द्वारा तुम्‍हारा उद्धार भी होता है, यदि उस सुसमाचार को जो मैं ने तुम्‍हें सुनाया था स्‍मरण रखते हो; नहीं तो तुम्‍हारा विश्‍वास करना व्‍यर्थ हुआ।

3इसी कारण मैं ने सब से पहले तुम्‍हें वही बात पहुँचा दी, जो मुझे पहुँची थी, कि पवित्र शास्‍त्र के वचन के अनुसार यीशु मसीह हमारे पापों के लिये मर गया।

4और गाड़ा गया; और पवित्र शास्‍त्र के अनुसार तीसरे दिन जी भी उठा।

5और कैफा को तब बारहों को दिखाई दिया।

6फिर पाँच सौ से अधिक भाइयों को एक साथ दिखाई दिया, जिन में से बहुतेरे अब तक वर्तमान हैं पर कितने सो गए।

7फिर याकूब को दिखाई दिया तब सब प्रेरितों को दिखाई दिया।

8और सब के बाद मुझ को भी दिखाई दिया, जो मानो अधूरे दिनों का जन्‍मा हूँ।

9क्‍योंकि मैं प्रेरितों में सब से छोटा हूँ, वरन् प्रेरित कहलाने के योग्‍य भी नहीं, क्‍योंकि मैं ने परमेश्‍वर की कलीसिया को सताया था।

10परन्‍तु मैं जो कुछ भी हूँ, परमेश्‍वर के अनुग्रह से हूँ: और उसका अनुग्रह जो मुझ पर हुआ, वह व्‍यर्थ नहीं हुआ परन्‍तु मैं ने उन सब से बढ़कर परिश्रम भी किया: तौभी यह मेरी ओर से नहीं हुआ परन्‍तु परमेश्‍वर के अनुग्रह से जो मुझ पर था।

11सो चाहे मैं हूँ, चाहे वे हों, हम यही प्रचार करते हैं, और इसी पर तुम ने विश्‍वास भी किया।

12सो जब कि मसीह का यह प्रचार किया जाता है, कि वह मरे हुओं में से जी उठा, तो तुम में से कितने क्‍योंकर कहते हैं, कि मरे हुओं का पुनरूत्‍थान है ही नहीं?

13यदि मरे हुओं का पुनरूत्‍थान ही नहीं, तो मसीह भी नहीं जी उठा।

14और यदि मसीह नहीं जी उठा, तो हमारा प्रचार करना भी व्‍यर्थ है; और तुम्‍हारा विश्‍वास भी व्‍यर्थ है।

15वरन् हम परमेश्वर के झूठे गवाह ठहरे; क्‍योंकि हम ने परमेश्‍वर के विषय में यह गवाही दी कि उसने मसीह को जिला दिया यद्यपि नहीं जिलाया, यदि मरे हुए नहीं जी उठते।

16और यदि मुर्दे नहीं जी उठते, तो मसीह भी नहीं जी उठा।

17और यदि मसीह नहीं जी उठा, तो तुम्‍हारा विश्‍वास व्‍यर्थ है; और तुम अब तक अपने पापों में फँसे हो।

18वरन् जो मसीह में सो गए हैं, वे भी नाश हुए।

19यदि हम केवल इसी जीवन में मसीह से आशा रखते हैं तो हम सब मनुष्‍यों से अधिक अभागे हैं।

20परन्‍तु सचमुच मसीह मुर्दों में से जी उठा है, और जो सो गए हैं, उन में पहिला फल हुआ।

21क्‍योंकि जब मनुष्‍य के द्वारा मृत्‍यु आई; तो मनुष्‍य ही के द्वारा मरे हुओं का पुनरूत्‍थान भी आया।

22और जैसे आदम में सब मरते हैं, वैसा ही मसीह में सब जिलाए जाएँगे।

23परन्‍तु हर एक अपनी अपनी बारी से; पहिला फल मसीह; फिर मसीह के आने पर उसके लोग।

24इस के बाद अन्‍त होगा; उस समय वह सारी प्रधानता और सारा अधिकार और सामर्थ का अन्‍त करके राज्‍य को परमेश्‍वर पिता के हाथ में सौंप देगा।

25क्‍योंकि जब तक कि वह अपने बैरियों को अपने पाँवों तले न ले आए, तब तक उसका राज्‍य करना अवश्‍य है।

26सब से अन्‍तिम बैरी जो नाश किया जाएगा वह मृत्‍यु है।

27क्‍येांकि “परमेश्‍वर ने सब कुछ उसके पाँवों तले कर दिया है,” परन्‍तु जब वह कहता है कि सब कुछ उसके आधीन कर दिया गया है तो प्रत्‍यक्ष है, कि जिस ने सब कुछ उसके आधीन कर दिया, वह आप अलग रहा।

28और जब सब कुछ उसके आधीन हो जाएगा, तो पुत्र आप भी उसके आधीन हो जाएगा जिस ने सब कुछ उसके आधीन कर दिया; ताकि सब में परमेश्‍वर ही सब कुछ हो।

29नहीं तो जो लोग मरे हुओं के लिये बपतिस्‍मा लेते हैं, वे क्‍या करेंगे? यदि मुर्दे जी उठते ही नहीं? तो फिर क्‍यों उनके लिये बपतिस्‍मा लेते हैं?

30और हम भी क्‍यों हर घड़ी जोखिम में पड़े रहते हैं?

31हे भाइयो, मुझे उस घमण्‍ड की सोंह जो हमारे मसीह यीशु में मैं तुम्‍हारे विषय में करता हूँ, कि मैं प्रति दिन मरता हूँ।

32यदि मैं मनुष्‍य की रीति पर इफिसुस में वन-पशुओं से लड़ा, तो मुझे क्‍या लाभ हुआ? यदि मुर्दे जिलाए नहीं जाएँगे, “तो आओ, खाएँ-पीएँ, क्‍योंकि कल तो मर ही जाएँगे।”

33धोखा न खाना, “बुरी संगति अच्‍छे चरित्र को बिगाड़ देती है।”

34धर्म के लिये जाग उठो और पाप न करो; क्‍योंकि कितने ऐसे हैं जो परमेश्‍वर को नहीं जानते, मैं तुम्‍हें लज्‍जित करने के लिये यह कहता हूँ।

35अब कोई यह कहेगा, “मुर्दे किस रीति से जी उठते हैं, और किस देह के साथ आते हैं?”

36हे निर्बुद्धि, जो कुछ तू बोता है, जब तक वह न मरे जिलाया नहीं जाता।

37और जो तू बोता है, यह वह देह नहीं जो उत्‍पन्‍न होनेवाली है, परन्‍तु निरा दाना है, चाहे गेहूँ का, चाहे किसी और अनाज का।

38परन्‍तु परमेश्‍वर अपनी इच्‍छा के अनुसार उसको देह देता है; और हर एक बीज को उसकी विशेष देह।

39सब शरीर एक सरीखे नहीं, परन्‍तु मनुष्‍यों का शरीर और है, पशुओं का शरीर और है; पक्षियों का शरीर और है; मछलियों का शरीर और है।

40स्‍वर्गीय देह है, और पार्थिव देह भी है: परन्‍तु स्‍वर्गीय देहों का तेज और हैं, और पार्थिव का और।

41सूर्य का तेज और है, चान्‍द का तेज और है, और तारागणों का तेज और है, (क्‍योंकि एक तारे से दूसरे तारे के तेज में अन्‍तर है)।

42मुर्दों का जी उठना भी ऐसा ही है। शरीर नाशमान दशा में बोया जाता है, और अविनाशी रूप में जी उठता है।

43वह अनादर के साथ बोया जाता है, और तेज के साथ जी उठता है; निर्बलता के साथ बोया जाता है; और सामर्थ के साथ जी उठता है।

44स्‍वाभाविक देह बोई जाती है, और आत्‍मिक देह जी उठती है: जब कि स्‍वाभाविक देह है, तो आत्‍मिक देह भी है।

45ऐसा ही लिखा भी है, “प्रथम मनुष्‍य, अर्थात् आदम, जीवित प्राणी बना” और अन्‍तिम आदम, जीवनदायक आत्‍मा बना।

46परन्‍तु पहले आत्‍मिक न था, पर स्‍वाभाविक था, इस के बाद आत्‍मिक हुआ।

47प्रथम मनुष्‍य धरती से अर्थात् मिट्टी का था; दूसरा मनुष्‍य स्‍वर्गीय है।

48जैसा वह मिट्टी का था वैसे ही और मिट्टी के हैं; और जैसा वह स्‍वर्गीय है, वैसे ही और भी स्‍वर्गीय हैं।

49और जैसे हम ने उसका रूप जो मिट्टी का था धारण किया वैसे ही उस स्‍वर्गीय का रूप भी धारण करेंगे।

50हे भाइयों, मैं यह कहता हूँ कि मांस और लोहू परमेश्‍वर के राज्‍य के अधिकारी नहीं हो सकते, और न विनाश अविनाशी का अधिकारी हो सकता है।

51देखो, मैं तुम से भेद की बात कहता हूँ: कि हम सब तो नहीं सोएँगे, परन्‍तु सब बदल जाएँगे।

52और यह क्षण भर में, पलक मारते ही पिछली तुरही फूँकते ही होगा: क्योंकि तुरही फूँकी जाएगी और मुर्दे अविनाशी दशा में उठाए जाएँगे, और हम बदल जाएँगे।

53क्‍योंकि अवश्‍य है, कि वह नाशवान देह अविनाश को पहिन ले, और यह मरनहार देह अमरता को पहिन ले।

54और जब यह नाशमान अविनाश को पहिन लेगा, और यह मरनहार अमरता को पहिन लेगा, तब वह वचन जो लिखा है, पूरा हो जाएगा, “जय ने मृत्‍यु को निगल लिया।

55हे मृत्‍यु तेरी जय कहाँ रहीं? हे मृत्‍यु तेरा डंक कहाँ रहा?”

56मृत्‍यु का डंक पाप है; और पाप का बल व्यवस्‍था है।

57परन्‍तु परमेश्‍वर का धन्‍यवाद हो, जो हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा हमें जयवन्‍त करता है।

58सो हे मेरे प्रिय भाइयो, दृढ़ और अटल रहो, और प्रभु के काम में सर्वदा बढ़ते जाओ, क्‍योंकि यह जानते हो, कि तुम्‍हारा परिश्रम प्रभु में व्‍यर्थ नहीं है।

Copyright © 2017 Bridge Connectivity Solutions. Released under the Creative Commons Attribution No Derivatives license 4.0.

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