1हे यहोवा के सब सेवकों, सुनो, तुम जो रात-रात को यहोवा के भवन में खड़े रहते हो #, यहोवा को धन्य कहो।
2अपने हाथ पवित्रस्थान में उठाकर, यहोवा को धन्य कहो।
3यहोवा जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है, वह सिय्योन से तुझे आशीष देवे।
1हे यहोवा के सब सेवकों, सुनो, तुम जो रात-रात को यहोवा के भवन में खड़े रहते हो #, यहोवा को धन्य कहो।
2अपने हाथ पवित्रस्थान में उठाकर, यहोवा को धन्य कहो।
3यहोवा जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है, वह सिय्योन से तुझे आशीष देवे।
copyright © 2017, 2018 Bridge Connectivity Solutions