1यहोवा राजा हुआ है; देश देश के लोग काँप उठें! वह करूबों पर विराजमान है; पृथ्वी डोल उठे!
2यहोवा सिय्योन में महान् है; और वह देश देश के लोगों के ऊपर प्रधान है।
3वे तेरे महान् और भययोग्य नाम का धन्यवाद करें! वह तो पवित्र है!
4राजा की सामर्थ्य न्याय से मेल रखती है, तू ही ने सच्चाई को स्थापित किया; न्याय और धर्म को याकूब में तू ही ने लागू किया है।
5हमारे परमेश्वर यहोवा को सराहो; और उसके चरणों की चौकी के सामने दण्डवत् करो! वह पवित्र है!
6उसके याजकों में मूसा और हारून, और उसके प्रार्थना करनेवालों में से शमूएल यहोवा को पुकाराते थे, और वह उनकी सुन लेता था।
7वह बादल के खम्भे में होकर उनसे बातें करता था; और वे उसकी चितौनियों और उसकी दी हुई विधियों पर चलते थे।
8हे हमारे परमेश्वर यहोवा, तू उनकी सुन लेता था; तू उनके कामों का बदला तो लेता था तौभी उनके लिये क्षमा करनेवाला परमेश्वर था।
9हमारे परमेश्वर यहोवा को सराहो, और उसके पवित्र पर्वत पर दण्डवत् करो; क्योंकि हमारा परमेश्वर यहोवा पवित्र है!