Bible

Simplify

Your Church Tech & Streamline Your Worship

Try RisenMedia.io Today!

Click Here

1 Samuel 5

:
Hindi - HINOVBSI
1 पलिश्तियों ने परमेश्‍वर का सन्दूक एबनेज़ेर से उठाकर अशदोद में पहुँचा दिया;
2 फिर पलिश्तियों ने परमेश्‍वर के सन्दूक को उठाकर दागोन के मन्दिर में पहुँचाकर दागोन के पास रख दिया।
3 दूसरे दिन अशदोदियों ने तड़के उठकर क्या देखा कि दागोन यहोवा के सन्दूक के सामने औंधे मुँह भूमि पर गिरा पड़ा है। तब उन्होंने दागोन को उठाकर उसी के स्थान पर फिर खड़ा किया।
4 फिर अगले दिन जब वे तड़के उठे, तब क्या देखा कि दागोन यहोवा के सन्दूक के सामने औंधे मुँह भूमि पर गिर पड़ा है; और दागोन का सिर और दोनों हथेलियाँ डेवढ़ी पर कटी हुई पड़ी हैं; इस प्रकार दागोन का केवल धड़ समूचा रह गया।
5 इस कारण आज के दिन तक भी दागोन के पुजारी और जितने दागोन के मन्दिर में जाते हैं, वे अशदोद में दागोन की डेवढ़ी पर पाँव नहीं रखते।
6 तब यहोवा का हाथ अशदोदियों के ऊपर भारी पड़ा, और वह उन्हें नष्‍ट करने लगा; और उसने अशदोद और उसके आस पास के लोगों के गिलटियाँ निकालीं।
7 यह हाल देखकर अशदोद के लोगों ने कहा, “इस्राएल के देवता का सन्दूक हमारे मध्य रहने नहीं पाएगा; क्योंकि उसका हाथ हम पर और हमारे देवता दागोन पर कठोरता के साथ पड़ा है।”
8 तब उन्होंने पलिश्तियों के सब सरदारों को बुलवा भेजा, और उनसे पूछा, “हम इस्राएल के देवता के सन्दूक से क्या करें?” वे बोले, “इस्राएल के देवता का सन्दूक घुमाकर गत नगर में पहुँचाया जाय।” अत: उन्होंने इस्राएल के परमेश्‍वर के सन्दूक को घुमाकर गत में पहुँचा दिया।
9 जब वे उसको घुमाकर वहाँ पहुँचे, तो यूँ हुआ कि यहोवा का हाथ उस नगर के विरुद्ध ऐसा उठा कि उस में अत्यन्त बड़ी हलचल मच गई; और उसने छोटे से बड़े तक उस नगर के सब लोगों को मारा, और उनके गिलटियाँ निकलने लगीं।
10 तब उन्होंने परमेश्‍वर का सन्दूक एक्रोन को भेजा। और ज्योंही परमेश्‍वर का सन्दूक एक्रोन में पहुँचा त्योंही एक्रोनी यह कहकर चिल्‍लाने लगे, “इस्राएल के देवता का सन्दूक घुमाकर हमारे पास इसलिये पहुँचाया गया है कि हम और हमारे लोगों को मरवा डाले।”
11 तब उन्होंने पलिश्तियों के सब सरदारों को इकट्ठा किया, और उनसे कहा, “इस्राएल के देवता के सन्दूक को निकाल दो, कि वह अपने स्थान पर लौट जाए, और हम को और हमारे लोगों को मार डालने पाए।” उस समस्त नगर में तो मृत्यु के भय की हलचल मच रही थी, और परमेश्‍वर का हाथ वहाँ बहुत भारी पड़ा था।
12 और जो मनुष्य मरे वे भी गिलटियों के मारे पड़े रहे; और नगर की चिल्‍लाहट आकाश तक पहुँची।