1जब इस्राएल ने मि से, अर्थात् याकूब के घराने ने अन्य भाषावालों के बीच में कूच किया,
2तब यहूदा यहोवा का पवित्रास्थान और इस्राएल उसके राज्य के लोग हो गए।।
3समुद्र देखकर भागा, यर्दन नदी उलटी बही।
4पहाड़ मेढ़ों की नाईं उछलने लगे, और पहाड़ियां भेड़- बकरियों के बच्चों की नाईं उछलने लगीं।।
5हे समुद्र, तुझे क्या हुआ, कि तू भागा? और हे यर्दन तुझे क्या हुआ, कि तू उलठी बही?
6हे पहाड़ों तुम्हें क्या हुआ, कि तुम भेड़ों की नाईं, और हे पहाड़ियों तुम्हें क्या हुआ, कि तुम भेड़- बकरियों के बच्चों की नाईं उछलीं?
7हे पृथ्वी प्रभु के साम्हने, हां याकूब के परमेश्वर के साम्हने थरथरा।
8वह चट्टान को जल का ताल, चकमक के पत्थर को जल का सोता बना डालता है।।