1एक दु:ख पूर्ण सन्देश। यह यहोवा का सन्देश हद्राक के देश और उसकी राजधानी दमिशक के बारे में है: ‘इस्राइल के परिवार समूह के लोग ही एक मात्र वे लोग नहीं है जो परमेश्वर के बारे में जानते हैं। हर एक व्यक्ति सहायता के लिये उनकी ओर दख सकता है।
2हद्राक के देश की सीमा हमात है और सोर तथा सीदोन भी यही करते हैं। (वे लोग बहुत बुद्धिमान हैं।)
3सोर एक किले की तरह बना है। वहाँ के लोगों ने चाँदी इतना इकट्ठा की है, कि वह धूलि के समान सुलभ है और सोना इतना सामान्य है जितनी मिट्टी।
4किन्तु हमारे स्वामी यहोवा यह सब ले लेगा। वे उसकी शक्तिशाली नौसेना को नष्ट करेगा और वह नगर आग से नष्ट होजाएगा!
5‘अश्कलोन में रहने वाले लोग इन घटनाओं को देखेंगे और वे डरेंगे। अज्जा के लोग भय से काँप उठेगे और एक्रोन के लोग सारी आशएँ छोङ देंगे, जब वे उन घटनाओं को घटित होते देखेंगे। अज्जा में कोई राजा बचा नहीं रहेगा। कोई भी व्यक्ति अब अश्कलोन में नहीं रहेगा।
6अश्दाद में लोग यह भी नही जानेंगे कि उनके अपने पिता कौन हैं मैं गर्वीले पलिश्ती लोगों को पूरी तरह नष्ट कर दूँगा।
7वे रक्त सहित माँस को या कोई भी वर्जीत भोजन नहीं खायेंगे। कोई भी बचा पलिश्ती हमारे राष्ट्र का अंग बनेगा। वे यहूदा में एक नया परिवार समूह होंगे। एक्रोन के लोग हमारे लोगों के एक भाग होंगे जैसा कि यबूसी लोग बन गए। मैं अपने देश की रक्षा करूँगा।
8मैं शत्रु की सेनाओ को यहा से होकर नहीं निकल ने दूँग।मैं उन्हें अपने लोगों को और अधिक चाट नहीं पहुचाने दूँगा। मैंने अपनी आँखों से देखा कि अतित में मेरे लोगों ने कितना कष्ट उठाया।’
9[This verse may not be a part of this translation]
10राजा कहता है, ‘मैंने एप्रैम में रथों को और यरूशलेम में घुङसवारों को नष्ट किया। मैंने युद्ध में प्रयोग किये गये धनुषों को नष्ट किया। ‘अन्य राष्ट्रों ने शान्ति-संधि की बातें सुनीं। वह राजा सागर से सागर तक राज्य करेगा। वह नदी से लेकर पृथ्वी के दूरतम सेथानों पर राज्यकरेगा।
11यरूशलेम हमने अपनी वाचा को खून से मुहरबन्द किया अत: मैने तम्हारे बन्दियों को स्वतन्त्र कर दिया, तम्हारे लोग उस सूने बन्दिगृह में अब नहीं रह गए हैं।
12बन्दियों, अपने घर जाओ! अब तुम्हारे लिये कुछ आशा का अवसर है। अब मैं तुमसे कह रहा हूँ!
13यहुदा, मैं तम्हारा उपयोग एक धनुष-जैसा करूँगा। एप्रैम, मैं तम्हारा उपयाग बाणों जैसा करूँगा। इस्राइल, मैं तुम्हारा उपयोग यूनान से लङने के लिए दृढ तलवार जैसा करूँगा।
14यहोवा उसके सामने प्रकट होगा और वह अपने बाण बिजली की तरह चलायेगा। यहोवा, मेरे स्वामी तरही बजाएगा और सेना मरूभूमि के तूफान के समान आगे बढ़ेगी।
15सर्वशक्तिमान यहोवा उनकी रक्षा करेगा। सैनिक पत्थर और गुलेल का उपयोग शत्रु को पराजित करने में करेंगे। वे अपने शत्रुओं का खुन बहायेंगे, यह दाखमधु जैसा बहेगा। यह वेदी के कानों पर फेंके गए खून जैसा होगा!
16उस समय, उनके परमेश्वर यहोवा अपने लोगों को वैसे ही बचाएगा, जैसे गङेरिया भेङों को बचाता है।वे उनके लिये बहुत मूल्यावान होंगे। वे उनके हाथो में जगमगाते रत्न- से होंगे।
17हर एक चीज अच्छी और सुन्दर होगी! वहाँ अदभुत फसल होगी, किन्तु वहाँ केवल अन्न और दाखधु नहीं होगी। वहाँ युवक युवतीयाँ होंगी!