1यहोवा राजा है। सो हे राष्ट्र, भय से काँप उठो। परमेश्वर राजा के रूप में करूब दूतों पर विराजता है। सो हे विश्व भय से काँप उठो।
2यहोवा सिय्योन में महान है। सारे मनुष्यों का वही महान राजा है।
3सभी मनुष्य तेरे नाम का गुण गाएँ। परमेश्वर का नाम भय विस्मय है। परमेश्वर पवित्र है।
4शक्तिशाली राजा को न्याय भाता है। परमेश्वर तूने ही नेकी बनाया है। तू ही याकूब (इस्राएल) के लिये खरापन और नेकी लाया।
5यहोवा हमारे परमेश्वर का गुणगान करो, और उसके पवित्र चरण चौकी की आराधना करो।
6मूसा और हारुन परमेश्वर के याजक थे। शमूएल परमेश्वर का नाम लेकर प्रार्थना करने वाला था। उन्होंने यहोवा से विनती की और यहोवा ने उनको उसका उत्तर दिया।
7परमेश्वर ने ऊँचे उठे बादल में से बातें कीं। उन्होंने उसके आदेशों को माना। परमेश्वर ने उनको व्यवस्था का विधान दिया।
8हमारे परमेश्वर यहोवा, तूने उनकी प्रार्थनाओं का उत्तर दिया। तूने उन्हें यह दर्शाया कि तू क्षमा करने वाला परमेश्वर है, और तू लोगों को उनके बुरे कर्मो के लिये दण्ड देता है।
9[This verse may not be a part of this translation]