1हे परमेश्वर, मुझ पर करूणा कर, और मुझे आशीष दे। कृपा कर के, हमको स्वीकार कर।
2हे परमेश्वर, धरती पर हर व्यक्ति तेरे विषय में जाने। हर राष्ट्र यह जान जाये कि लोगों की तू कैसे रक्षा करता है।
3हे परमेश्वर, लोग तेरे गुण गायें! सभी लोग तेरी प्रशंसा करें।
4सभी राष्ट्र आनन्द मनावें और आनन्दिन हो! क्योंकि तू लोगों का न्याय निष्पक्ष करता। और हर राष्ट्र पर तेरा शासन है।
5हे परमेश्वर, लोग तेरे गुण गायें! सभी लोग तेरी प्रशंसा करें।
6हे परमेश्वर, हे हमारे परमेश्वर, हमको आशीष दे। हमारी धरती हमको भरपूर फसल दें।
7[This verse may not be a part of this translation]