1हे परमेश्वर, तू अपनी निज शक्ति को प्रयोग कर के काम में ले और मुझे मुक्त करने को बचा ले।
2हे परमेश्वर, मेरी प्रार्थना सुन। मैं जो कहता हूँ सुन।
3अजनबी लोग मेरे विरूद्ध उठ खड़े हुए और बलशाली लोग मुझे मारने का जतन कर रहे हैं। हे परमेश्वर, ऐसे ये लोग तेरे विषय में सोचते भी नहीं।
4देखो, मेरा परमेश्वर मेरी सहायता करेगा। मेरा स्वामी मुझको सहारा देगा।
5मेरा परमेश्वर उन लोगों को दण्ड देगा, जो मेरे विरूद्ध उठ खड़े हुए हैं। परमेश्वर मेरे प्रति सच्चा सिद्ध होगा, और वह उन लोगों को नष्ट कर देगा।
6इस्राएल को, सिय्योन में कौन विजयी बनायेगा हाँ, परमेश्वर उनकी विजय को पाने में सहायता करेगा। परमेश्वर अपने लोगों को बन्धुआई से वापस लायेगा, याकूब आनन्द मनायेगा। इस्राएल अति प्रसन्न होगा। का समय का एक भक्ति गीत जब जीपियों में जाकर शाऊल से कहा था, हम सोचते हैं दाऊद हमारे लोगों के बीच छिपा है।
7[This verse may not be a part of this translation]