Psalms 130ERV

1हे यहोवा, मैं गहन कष्ट में हूँ सो सहारा पाने को मैं तुम्हें पुकारता हूँ।

2मेरे स्वामी, तू मेरी सुन ले। मेरी सहायता की पुकार पर कान दे।

3हे यहोवा, यदि तू लोगों को उनके सभी पापों का सचमुच दण्ड दे तो फिर कोई भी बच नहीं पायेगा।

4हे यहोवा, निज भक्तों को क्षमा कर। फिर तेरी अराधना करने को वहाँ लोग होंगे।

5मैं यहोवा की बाट जोह रहा हूँ कि वह मुझको सहायता दे। मेरी आत्मा उसकी प्रतीक्षा में है। यहोवा जो कहता है उस पर मेरा भरोसा है।

6मैं अपने स्वामी की बाट जोहता हूँ। मैं उस रक्षक सा हूँ जो उषा के आने की प्रतीक्षा में लगा रहता है।

7इस्राएल, यहोवा पर विश्वास कर। केवल यहोवा के साथ सच्चा प्रेम मिलता है। यहोवा हमारी बार-बार रक्षा किया करता है। यहोवा इस्राएल को उनके सारे पापों के लिए क्षमा करेगा।

8[This verse may not be a part of this translation]

Easy-to-Read Version Copyright © 2010 World Bible Translation Center

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