Isaiah 18ERV

1उस धरती को देखो जो कूश की नदियों के साथ-साथ फैली है। इस धरती में कीड़े-मकोड़े भरे पड़े हैं। तुम उनके पंखों की भिन्नाहट सुन सकते हो।

2यह धरती लोगों को सरकण्डों की नावों से सागर के पार भेजती है। हे तेज़ चलने वाले हरकारो, एक ऐसी जाति के लोगों के पास जाओ जो लम्बे और शक्तिशाली हैं! (इन लम्बें शक्तिशाली लोगों से सब कहीं के लोग डरते हैं। वे एक बलवान जाति के लोग हैं। उनकी जाति दूसरी जातियों को पराजित कर देती हैं। वे एक ऐसे देश के हैं जिसे नदियाँ विभाजित करती हैं।)

3ऐसे उन लोगों को सावधान कर दो कि उनके साथ कोई बुरी घटना घटने को है। उस जाति के साथ घटती हुई इस घटना को दुनिया के सब लोग देखेंगे। लोग इसे इस तरह साफ-साफ देखेंगे, जैसे पहाड़ पर लगे हुए झण्डे को लोग देखते हैं। इन लम्बे और शक्तिशाली व्यक्तियों के साथ जो बातें घटेंगी, उनके बारे में इस धरती के सभी निवासी सुनेंगे। इसको वे इतनी स्पष्टता से सुनेंगे जितनी स्पष्टता से युद्ध से पहले बजने वाले नरसिंगे की आवाज़ सुनाई देती हैं।

4यहोवा ने कहा, “जो स्थान मेरे लिये तैयार किया गया है, मैं उस स्थान पर होऊँगा। मैं चुपचाप इन बातों को घटते हुए देखूँगा। गर्मी के एक सुहावने दिन दोपहर के समय जब लोग आराम कर रहे होंगे (यह तब होगा जब कटनी का गर्म समय होगा, वर्षा नहीं होगी, बस अलख सुबह की ओस ही पड़ेगी।)

5तभी कोई बहुत भयानक बात घटेगी। यह वह समय होगा जब फूल खिल चुके होंगे। नये अँगूर फूट रहे होंगे और उनकी बढ़वार हो रही होगी। किन्तु फसल उतारने के समय से पहले ही शत्रु आयेगा और इन पौधों को काट डालेगा। शत्रु आकर अँगूर की लताओं को तोड़ डालेगा और उन्हें कहीं दूर फेंक देगा।

6अँगूर की यें बेलें शिकारी पहाड़ी पक्षियों और जंगली जानवरों के खाने के लिये छोड़ दी जायेंगी। गर्मियों में पक्षी इन दाख लताओं में बसेरा करेंगे और उस सदी में जंगली पशु इन दाख लताओं को चरेंगे।”

7उस समय, सर्वशक्तिमान यहोवा को एक विशेष भेंट चढ़ाई जायेगी। यह भेंट उन लोगों की ओर से आयेगी, जो लम्बे और शक्तिशाली हैं। (सब कहीं के लोग इन लोगों से डरते हैं। ये एक शक्तिशाली जाति के लोग हैं। यह जाति दूसरी जाति के लोगों को पराजित कर देती है। ये एक ऐसे देश के हैं, जो नदियों से विभाजित हैं।) यह भेंट यहोवा के स्थान सिय्योन पर्वत पर लायी जायेगी।

Easy-to-Read Version Copyright © 2010 World Bible Translation Center

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