Psalms 1CLBSI

1धन्‍य है वह मनुष्‍य जो दुर्जनों की सम्‍मति पर नहीं चलता, जो पापियों के मार्ग पर खड़ा नहीं होता, और जो उपहास-प्रिय झुण्‍ड में नहीं बैठता;

2पर उसका सुख प्रभु की व्‍यवस्‍था में है, और वह दिन-रात उस का पाठ करता है।

3वह उस वृक्ष के समान है जो नहर के तट पर रोपा गया, जो अपनी ऋतु में फलता है, और जिसके पत्ते मुरझाते नहीं। जो कुछ धार्मिक मनुष्‍य करता है, वह सफल होता है।

4पर अधार्मिक मनुष्‍य ऐसे नहीं होते! वे भूसे के समान हैं, जिसे पवन उड़ाता है।

5अत: न अधार्मिक मनुष्‍य अदालत में, और न पापी मनुष्‍य धार्मिकों की मंडली में खड़े हो सकेंगे।

6प्रभु धार्मिकों का आचरण जानता है। परन्‍तु अधार्मिक अपने आचरण के कारण नष्‍ट हो जाएंगे।

Hindi CL Bible - पवित्र बाइबिल Copyright © Bible Society of India, 2015. Used by permission. All rights reserved worldwide.

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