1मिस्र देश के राजा फरओ ने गाजा नगर को पराजित किया। उसके पूर्व ही पलिश्ती कौम के सम्बन्ध में प्रभु का यह वचन नबी निर्ययाह को मिला था।
2‘प्रभु यों कहता है: देखो उत्तर दिशा में पानी चढ़ रहा है; और यह उमड़नेवाली बाढ़ में बदल जाएगा। बाढ़ की धाराएं समस्त देश में, देश के हर एक नगर में फैल जाएंगी। नगर और उसके निवासी उन में डूब जाएंगे! आदमी सहायता के लिए चिल्लाएंगे; देश के निवासी छाती पीट-पीटकर रोएंगे।
3जब शत्रु-सेना के घोड़ों की टाप सुनाई देगी, जब उसके रथ वेग से दौड़ेंगे, उनके पहियों की गड़गड़ाहट होगी, तब बच्चों के पिता के हाथ-पांव इतने ढीले पड़ जाएंगे कि वे मुड़कर अपने बच्चों को देखेंगे भी नहीं।
4क्योंकि पलिश्ती जाति के विनाश का दिन आ रहा है। तब सोर और सीदोन के बचे हुए सहायक भी कट कर उनसे अलग हो जाएंगे; क्योंकि प्रभु पलिश्तियों को, कफ्तोर के समुद्र तट पर रहने वाले बचे हुए लोगों को नष्ट करेगा।
5पलिश्ती राष्ट्र का नगर-राज्य गाजा मानो गंजा हो गया। अश्कलोन बर्बाद हो गया। ओ अनाकीम के बचे हुए वंशजो, कब तक तुम पूजा के लिए अपने शरीर को घायल करते रहोगे?
6आह! प्रभु की तलवार! तू कब शांत होगी? अब अपनी म्यान में जा, शान्त हो और थम जा।
7नहीं, प्रभु की तलवार कैसे रुक सकती है? उसे प्रभु ने दायित्व सौंपा है; उसने उसको नियुक्त किया है कि वह अश्कलोन और समुद्र तटीय लोगों का संहार करे।’