Revelation 82017

1जब उसने सातवीं मुहर खोली, तो स्‍वर्ग में आधे घण्टे तक सन्‍नाटा छा गया।

2और मैंने उन सातों स्‍वर्गदूतों को जो परमेश्‍वर के सामने खड़े रहते हैं, देखा, और उन्‍हें सात तुरहियाँ दी गईं।

3फिर एक और स्‍वर्गदूत सोने का धूपदान लिये हुए आया, और वेदी के निकट खड़ा हुआ; और उसको बहुत धूप दिया गया कि सब पवित्र लोगों की प्रार्थनाओं के साथ सोने की उस वेदी पर, जो सिंहासन के सामने है चढ़ाएँ।

4और उस धूप का धुआँ पवित्र लोगों की प्रार्थनाओं सहित स्‍वर्गदूत के हाथ से परमेश्‍वर के सामने पहुँच गया।

5तब स्‍वर्गदूत ने धूपदान लेकर उसमें वेदी की आग भरी, और पृथ्‍वी पर डाल दी, और गर्जन और शब्‍द और बिजलियाँ और भूकम्प होने लगे।

6और वे सातों स्‍वर्गदूत जिनके पास सात तुरहियाँ थी, फूँकने को तैयार हुए।

7पहले स्‍वर्गदूत ने तुरही फूँकी, और लहू से मिले हुए ओले और आग उत्‍पन्‍न हुई, और पृथ्‍वी पर डाली गई; और एक तिहाई पृथ्‍वी जल गई, और एक तिहाई पेड़ जल गई, और सब हरी घास भी जल गई।

8दूसरे स्‍वर्गदूत ने तुरही फूँकी, तो मानो आग सा जलता हुआ एक बड़ा पहाड़ समुद्र में डाला गया; और समुद्र भी एक तिहाई लहू हो गया,

9और समुद्र की एक तिहाई सृजी हुई वस्तुएँ जो सजीव थीं मर गई, और एक तिहाई जहाज नाश हो गए।

10तीसरे स्‍वर्गदूत ने तुरही फूँकी, और एक बड़ा तारा जो मशाल के समान जलता था, स्‍वर्ग से टूटा, और नदियों की एक तिहाई पर, और पानी के सोतों पर आ पड़ा।

11उस तारे का नाम नागदौना है, और एक तिहाई पानी नागदौना सा कड़वा हो गया, और बहुत से मनुष्‍य उस पानी के कड़वे हो जाने से मर गए।

12चौथे स्‍वर्गदूत ने तुरही फूँकी, और सूर्य की एक तिहाई, और चाँद की एक तिहाई और तारों की एक तिहाई पर आपत्ति आई, यहाँ तक कि उनका एक तिहाई अंग अन्‍धेरा हो गया और दिन की एक तिहाई में उजाला न रहा, और वैसे ही रात में भी।

13जब मैंने फिर देखा, तो आकाश के बीच में एक उकाब को उड़ते और ऊँचे शब्‍द से यह कहते सुना, “उन तीन स्‍वर्गदूतों की तुरही के शब्‍दों के कारण जिनका फूँकना अभी बाकी है, पृथ्‍वी के रहनेवालों पर हाय, हाय, हाय!”

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