Revelation 102017

1फिर मैंने एक और शक्तिशाली स्‍वर्गदूत को बादल ओढ़े हुए स्‍वर्ग से उतरते देखा; और उसके सिर पर मेघधनुष था, और उसका मुँह सूर्य के समान और उसके पाँव आग के खंभे के समान थे;

2और उसके हाथ में एक छोटी सी खुली हुई पुस्‍तक थी। उसने अपना दाहिना पाँव समुद्र पर, और बायाँ पृथ्‍वी पर रखा;

3और ऐसे बड़े शब्‍द से चिल्‍लाया, जैसा सिंह गरजता है; और जब वह चिल्‍लाया तो गर्जन के सात शब्‍द सुनाई दिए।

4जब सातों गर्जन के शब्‍द सुनाई दे चुके, तो मैं लिखने पर था, और मैंने स्‍वर्ग से यह शब्‍द सुना, “जो बातें गर्जन के उन सात शब्‍दों से सुनी हैं, उन्‍हें गुप्‍त रख, और मत लिख।”

5जिस स्‍वर्गदूत को मैंने समुद्र और पृथ्‍वी पर खड़े देखा था; उसने अपना दाहिना हाथ स्‍वर्ग की ओर उठाया

6और उसकी शपथ खाकर जो युगानुयुग जीवित है, और जिसने स्वर्ग को और जो कुछ उसमें है, और पृथ्‍वी को और जो कुछ उस पर है, और समुद्र को और जो कुछ उसमें है सृजा है, कहा कि अब और देर न होगी।

7वरन् सातवें स्‍वर्गदूत के शब्‍द देने के दिनों में, जब वह तुरही फूँकने पर होगा, तो परमेश्‍वर का वह रहस्य पूरा हो जाएगा, जिसका सुसमाचार उसने अपने दास भविष्‍यद्वक्‍ताओं को दिया था।

8जिस शब्‍द करनेवाले को मैंने स्‍वर्ग से बोलते सुना था, वह फिर मेरे साथ बातें करने लगा, “जा, जो स्‍वर्गदूत समुद्र और पृथ्‍वी पर खड़ा है, उसके हाथ में की खुली हुईं पुस्‍तक ले ले।”

9और मैंने स्‍वर्गदूत के पास जाकर कहा, “यह छोटी पुस्‍तक मुझे दे।” और उसने मुझ से कहा, “ले, इसे खा ले; यह तेरा पेट कड़वा तो करेगी, पर तेरे मुँह में मधु सी मीठी लगेगी।”

10अतः मैं वह छोटी पुस्‍तक उस स्‍वर्गदूत के हाथ से लेकर खा गया। वह मेरे मुँह में मधु सी मीठी तो लगी, पर जब मैं उसे खा गया, तो मेरा पेट कड़वा हो गया।

11तब मुझ से यह कहा गया, “तुझे बहुत से लोगों, और जातियों, और भाषाओं, और राजाओं के विषय में फिर भविष्‍यद्ववाणी करनी होगी।”

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